कहीं खुद से शिकायत है कहीं तेरी इनायत है
तेरी दी ज़िन्दगी हर एक कदम पर जीने लायक है ॥
कभी ये खुशनुमा होती है तो हमको हंसती है
कभी ये रूठ जाती है तो संग हमको रुलाती है
हैं गर खुशियां भरी इसमें तो गम भी सहने लायक हैं
खुदा ये ज़िन्दगी हर एक कदम पर जीने लायक है ॥
तेरी दी ज़िन्दगी हर एक कदम पर जीने लायक है ॥
कभी ये खुशनुमा होती है तो हमको हंसती है
कभी ये रूठ जाती है तो संग हमको रुलाती है
हैं गर खुशियां भरी इसमें तो गम भी सहने लायक हैं
खुदा ये ज़िन्दगी हर एक कदम पर जीने लायक है ॥
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