दोस्तों की महफ़िलों में हमने भी जम के जाम छलकाए
जहाँ तक नज़र गयी सभी झूमते नज़र आये
मैं भी झूमा तो , मगर तेरे ख्वाब में जहाँ
पैमाने ना हो कोई और तू आँखों से जाम पिलाये ।।
वो जो आसमान में तारे टिमटिमा रहे हैं बहुत दूर हैं शायद , सारे टिमटिमा रहे हैं ॥ कल तक जो दिखते ना थे अंदर से वो जुगनू आज सारे जगमगा रहे हैं ...