शुक्रवार, 15 जून 2012


कुछ इशारों में तुमने कहा 
कुछ इशारों में हमने सुना 
बातें तो दिल की थी मगर 
होठों ने कुछ न कहा 
बस आँखों ने तेरी कहा कि
ये शाम यूँ ही मस्तानी रहे
ये रात यूँ ही दीवानी रहे
रहे हस्ती हमारी या ना रहे यहाँ
पर अमर तेरी मेरी प्रेम कहानी रहे ||

शुक्रवार, 1 जून 2012

क्या गम और क्या शिकायत 
आँखों में तेरी भूल जाता हूँ 
मिटती हर थकावट 
बातें सुन तेरी मुस्कुराता हूँ
तू मेरी जान है 
कैसा करम मेरे खुदा का है 
जो तुम न साथ हो तो 
साँस लेना भूल जाता हूँ ||

पहला प्रभाव

वो जो आसमान में तारे टिमटिमा रहे हैं बहुत दूर हैं शायद , सारे टिमटिमा रहे हैं ॥ कल तक जो दिखते ना थे अंदर से वो जुगनू आज सारे जगमगा रहे हैं ...