ज़रूरत है तेरी , तेरा तसव्वुर यार रहता है
ज़मी से उस फलक तक अब तू ही बस यार दिखता है
तू है महताब जीवन का मेरे अब जान ले ये तू
तू जितनी दूर हो उतना ही तुमसे प्यार रहता है ॥
॥आखिर॥
ज़मी से उस फलक तक अब तू ही बस यार दिखता है
तू है महताब जीवन का मेरे अब जान ले ये तू
तू जितनी दूर हो उतना ही तुमसे प्यार रहता है ॥
॥आखिर॥
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