कहीं पर्वत है कहीं गंगा है
कहीं खुशबु कहीं पतंगा है
देखे है हमने कई रंग
सबसे बढ़िया ये तिरंगा है ।।
हर ख्वाब बने त्यौहार यहाँ
त्यौहार में सब संग होते हैं
होली हो या रमजान कभी
कभी ईद दिवाली होते है
जब इन त्योहारों के रंग मिले
तो बनता एक ही झंडा है
देखे है हमने कई रंग
सबसे बढ़िया ये तिरंगा है ।।
मना है जाती विभाजन पर
हर दिन हम साथ में रहते है
हम हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई
सब को भाई कहते हैं
जब इन वर्णों का रंग मिले
तो बनता एक ही झंडा है
देखे है हमने कई रंग
सबसे बढ़िया ये तिरंगा है ।।
है शिखर हमारे उत्तर में
है दक्षिण में आपर जलज
है पश्चिम में कुछ रेत मगर
पूरब में पानी की गंगा है
जब मौसम के सब रंग मिले
तो बनता एक ही झंडा है
देखे है हमने कई रंग
सबसे बढ़िया ये तिरंगा है ।।
जब इतने रंग आँचल में लिए
लहराता देश का झंडा है
तो क्यूँ न कहूँ सर ऊँचा कर
ये मेरे देश का झंडा है
देखे है हमने कई रंग
सबसे बढ़िया ये तिरंगा है ।।
--->शशांक कुमार पाण्डेय <--- p="">
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