वो कभी फुरसत में नहीं मिलता मुझे
जब भी मिलता है कुछ काम होता है
बेवफा कहूँ या जालिम उसे , "आखिर"
प्यार तो अपना ही बदनाम होता है ||
जब भी मिलता है कुछ काम होता है
बेवफा कहूँ या जालिम उसे , "आखिर"
प्यार तो अपना ही बदनाम होता है ||
वो जो आसमान में तारे टिमटिमा रहे हैं बहुत दूर हैं शायद , सारे टिमटिमा रहे हैं ॥ कल तक जो दिखते ना थे अंदर से वो जुगनू आज सारे जगमगा रहे हैं ...