ज़िन्दगी की हर डगर पर अपना काम चला लेते है
जब यार हो साथ तो हम भी माहौल बना लेते है
अरे हम तो उनमे से है कभी हार नहीं मानते और
मौसम हो कैसा भी हम आशियाने बना लेते है ||
वो जो आसमान में तारे टिमटिमा रहे हैं बहुत दूर हैं शायद , सारे टिमटिमा रहे हैं ॥ कल तक जो दिखते ना थे अंदर से वो जुगनू आज सारे जगमगा रहे हैं ...