अभी चलते-चलते एक और दिन बीत जाएगा
अपने दामन में समेटे अनगिनत लम्हे ले जायेगा
कही गिरते हुए आंसू कहीं हँसते हुए चेहरे
हर एक बन्दे के जीवन में ये यादें छोड़ जायेगा ॥
कोई उन यादों को सिरहाने रख आंसू बहायेगा
कोई तन्हाइयों में याद कर उन्हें , मुस्कुराएगा
समय के साथ ये मुस्कान , आंसू छुप से जायेंगे
मगर जीवन समय सा ही सदा चलता ही जायेगा ॥
चलो आओ करें कुछ नया हम अबके साल में
ज़रा सा भूल जाए यादों को हम अबके साल में
हर एक मज़हब को दे सम्मान अब हम अबके साल में
ज़रा सा तो लगें इंसान हम अब अबके साल में
किसी इज़्ज़त पे आये आंच न इस अबके साल में
कोई भुखमरी से ना मरे इस अबके साल में
करे हम कुछ नया अपने लिए पर याद ये रखें
बढ़ाएं मान और सम्मान वतन का अबके साल में ॥
॥आखिर॥
अपने दामन में समेटे अनगिनत लम्हे ले जायेगा
कही गिरते हुए आंसू कहीं हँसते हुए चेहरे
हर एक बन्दे के जीवन में ये यादें छोड़ जायेगा ॥
कोई उन यादों को सिरहाने रख आंसू बहायेगा
कोई तन्हाइयों में याद कर उन्हें , मुस्कुराएगा
समय के साथ ये मुस्कान , आंसू छुप से जायेंगे
मगर जीवन समय सा ही सदा चलता ही जायेगा ॥
चलो आओ करें कुछ नया हम अबके साल में
ज़रा सा भूल जाए यादों को हम अबके साल में
हर एक मज़हब को दे सम्मान अब हम अबके साल में
ज़रा सा तो लगें इंसान हम अब अबके साल में
किसी इज़्ज़त पे आये आंच न इस अबके साल में
कोई भुखमरी से ना मरे इस अबके साल में
करे हम कुछ नया अपने लिए पर याद ये रखें
बढ़ाएं मान और सम्मान वतन का अबके साल में ॥
॥आखिर॥
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