शुक्रवार, 14 मार्च 2014

जब से मिले हो तुम , सब बदल गया है जैसे 
कि अब जग झूठ और तेरा प्यार सच्चा लगता है 
और यूँ तो बहुत बड़बोले थे हम मगर 
अब चुप-चाप तेरे करीब रहना अच्छा लगता है ॥

और लाल पीले हरे नीले , कई रंग देखे थे हमने
पर तेरे रंग के आगे ये सब कच्चा लगता है
कि अब तक खेलते थे हम , इन रंगों में डूब कर होली
पर अब तेरे प्यार के रंग में रंगना अच्छा लगता है ॥

"आखिर"

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