कहानी में अचानक कल नया एक मोड़ आया है
मेरी हसरत जो चेहरा था वो मेरी ओर आया है
बड़ी मुद्दत से चाहा था जिसे यूँ पास है मेरे
फलक से खुद उतरकर ज्यों कोई महताब आया है ॥
॥आखिर॥
मेरी हसरत जो चेहरा था वो मेरी ओर आया है
बड़ी मुद्दत से चाहा था जिसे यूँ पास है मेरे
फलक से खुद उतरकर ज्यों कोई महताब आया है ॥
॥आखिर॥
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