जो तुझ संग की मुलाकातें तेरे संग बीती जो रातें
हाँ मुझको याद आती हैं तेरी बचकानी सी बातें ॥
वो तेरा रूठ कर मुझसे झगड़ना और ना कुछ कहना
नहीं भूला हूँ मैं तुझको मानते बीती जो रातें ॥
तेरे दो नयन जो मुझसे तेरा हर राज़ कहते थे
तेरे दिल का आइना थीं तेरी हंसती हुई आखें ॥
मोहब्बत थी हमे खुद से जियादा तुमसे ऐ हमदम
गवाही देते हैं नभ के सितारे और ये बरसातें ॥
तू मेरा जाम था सकी था मैख़ाना तू ही मेरा
के मय का एक पियाला थी तेरी इठलाती सी आखें ॥
नहीं मालूम क्यों बिछड़े हैं हम तुम मिल के यूँ आखिर
बहुत ही गूढ़ होती हैं लकीरों की ये सब बातें ॥
करूँ मैं क्या ना तुझको भूल पता मेरा दिल "आखिर"
कि मुझको याद आती है वो हंसती प्यारी सी आँखें ॥
॥आखिर॥
हाँ मुझको याद आती हैं तेरी बचकानी सी बातें ॥
वो तेरा रूठ कर मुझसे झगड़ना और ना कुछ कहना
नहीं भूला हूँ मैं तुझको मानते बीती जो रातें ॥
तेरे दो नयन जो मुझसे तेरा हर राज़ कहते थे
तेरे दिल का आइना थीं तेरी हंसती हुई आखें ॥
मोहब्बत थी हमे खुद से जियादा तुमसे ऐ हमदम
गवाही देते हैं नभ के सितारे और ये बरसातें ॥
तू मेरा जाम था सकी था मैख़ाना तू ही मेरा
के मय का एक पियाला थी तेरी इठलाती सी आखें ॥
नहीं मालूम क्यों बिछड़े हैं हम तुम मिल के यूँ आखिर
बहुत ही गूढ़ होती हैं लकीरों की ये सब बातें ॥
करूँ मैं क्या ना तुझको भूल पता मेरा दिल "आखिर"
कि मुझको याद आती है वो हंसती प्यारी सी आँखें ॥
॥आखिर॥
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