इश्क में तेरे हम कायल ही रह गए
सारा जहाँ मर गया हम घायल ही रह गए
मुद्दत-ए-आरज़ू दिल में तेरे दीदार की है बस
तमन्ना दिल में रह गयी और हम तनहा रह गए ||
वो जो आसमान में तारे टिमटिमा रहे हैं बहुत दूर हैं शायद , सारे टिमटिमा रहे हैं ॥ कल तक जो दिखते ना थे अंदर से वो जुगनू आज सारे जगमगा रहे हैं ...
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