जिंदगी के गमों को कुछ ऐसे धो देते हैं
जब कभी खुश होते हैं रो देते हैं।।
ना पूछो कैसे बिताते हैं लम्हे उनके बगैर
जब उनकी याद आती है सो लेते हैं।।
।।आखिर।।
वो जो आसमान में तारे टिमटिमा रहे हैं बहुत दूर हैं शायद , सारे टिमटिमा रहे हैं ॥ कल तक जो दिखते ना थे अंदर से वो जुगनू आज सारे जगमगा रहे हैं ...
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