शनिवार, 13 सितंबर 2014

वो शाम यूँही गुजर गयी तेरे जाने के बाद
जैसे सूख जाते हैं बादल ,बूँदें बरसाने के बाद
गर्मी आयी , सर्दी आयी ,पतझड़ आकर चले गए
न देखा इस दिल ने कोई सावन तेरे जाने के बाद ॥ 

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