रविवार, 27 अप्रैल 2014

तू जीवन के तरन्नुम पर ख़ुशी के गीत गए जा
मुसीबत कैसी भी हो पर ज़रा तो मुस्कुराये जा
मज़ा आएगा जीने का भरी दुनिया में तब 'आखिर'
कि जब तू खुद दुखी होकर के औरों को हंसाएगा ॥

॥आखिर॥ 

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