जीवन एक दरिया है इसको तैर पार कर जाने को
इस मजलिस में खुद का अपना एक आशियाँ बनाने को
हर महफ़िल में अपनी एक पहचान अलग सी बनाने को
पैर ज़मीं रखो अपने पर ख्वाब फलक तक जाने दो ॥
इस मजलिस में खुद का अपना एक आशियाँ बनाने को
हर महफ़िल में अपनी एक पहचान अलग सी बनाने को
पैर ज़मीं रखो अपने पर ख्वाब फलक तक जाने दो ॥
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