वीराना है दिल मेरा उनकी याद में लेकिन
और वो पूछते है हमसे मसला क्या है?
वो तो परवानों ने है लाज बचा राखी अब तक
वगरना शहर में इस हुस्न का जलवा क्या है?
हर बात हमी से पूछते हैं अनजान बन कर
तुम्ही कहो ये अंदाज़-ए-गुफ्तगू क्या है ?
अगर हर बात तुमको कह के जो समझानी पड़े
तुम ही कहो फिर दस्तूर-ए-आशिकी का मतलब क्या है ?
मोहब्बत सब से है होने जो लगी दुनिया में
ऐसी आशिकी का तुम कहो मतलब क्या है ?
तुम जो कहते हो हैं बेईमान सभी इस दुनिया में
तुम ही बतला दो अब मुझको की ये ईमान क्या है ?
तुमने जो ये करते हो बातें हमेशा मज़हब की
मुझको बतला दो की इस इश्क का मज़हब क्या है ?
जीतेजी तुम मिले नहीं किसी जगह पे भी
रोते हो आज मेरी मौत पे वजह क्या है ?
मुझे तो इश्क ने दीवाना किये रखा है
वगरना शहर में शाहीब मेरी इज्ज़त क्या है ?
Beautifully written!! amazing work :D
जवाब देंहटाएंThans bhai.....:)
जवाब देंहटाएं