रविवार, 20 मार्च 2016

हिंदुस्तान-एक परिचय

इन्सान है जिंदा जहाँ ईमान रहता है
हिन्दू वहाँ रहता है मुसलमान रहता है।।

बनते जहाँ यमुना के तीरे ताज-ए-मोहब्बत
वहाँ सिर्फ भाईचारे का पैगाम रहता है।।

खुशियाँ क्यों ना छलकें यहाँ शाम और सहल
मनती दिवाली है कभी रमज़ान रहता है।।

तुम कहते हो हम हैं जुदा एक-दूसरे से फिर
करवा में क्यों और ईद में क्यों चाँद रहता है।।

चाहे दिलों में ख्वाजा जी हों या हो राम जी
पर खून अपना ये वतन के नाम रहता है।।

॥आखिर॥

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