जब चाँद को अपनी चांदनी का गुरूर होता है
जब फिजाओं में ताजगी का एक अलग नूर होता है
तब लाख बचाए दिल खुद को मगर
ऐसे मौसम में ये प्यार ज़रूर होता है ।
जब फिजाओं में ताजगी का एक अलग नूर होता है
तब लाख बचाए दिल खुद को मगर
ऐसे मौसम में ये प्यार ज़रूर होता है ।
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