कभी तो ज़िन्दगी में एक मुकाम पाउँगा
जब रातों को चैन और दिन में सुकून पाउँगा
बस ये सोच के दिन रात लगा रहता हूँ कि
अपनी हसरतों का मैं भी अंजाम पाउँगा।।
वो जो आसमान में तारे टिमटिमा रहे हैं बहुत दूर हैं शायद , सारे टिमटिमा रहे हैं ॥ कल तक जो दिखते ना थे अंदर से वो जुगनू आज सारे जगमगा रहे हैं ...
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