चार पल की ये कहानी है हमारी ज़िन्दगी
उड़ता बादल बहता पानी है हमारी ज़िन्दगी
चाहतो का है भरा सैलाब हर एक पल यहाँ
जी लो जी भर के सुहानी है बड़ी ये ज़िन्दगी |
गुनगुनाते पक्षियों सा लहलहाते खेत सा
सरसराती पवन जैसा चिलचिलाती धूप सा
है कभी नदिया का पानी ,या कभी दरिया का जल
और कभी मरू का है बालू ,या कभी वृक्षों का फल
है असीमित राह इसमें है असीमित ख्वाहिशे
ख्वाहिशो को पूरा करके करलो ये जीवन सुखी
फिर लगेगी मोतियों क सेज जैसी ज़िन्दगी
जी लो जी भर के सुहानी है बड़ी ये ज़िन्दगी |
है कभी बारिश का पानी ,या कभी सुखी धरा
और कभी कड़वा करेला ,फिर कभी मीठा घड़ा
क्यूँ कभी हमको रुलाती ,क्यूँ कभी मायूस करती
फिर अचानक ख्वाहिशो को पूरा कर पल में हसाती
खिलखिलाती मुस्कुराती चाह्चाती ये रहे
हर एक पल इसके अनोखे ,हर एक पल इसके नए |
चाहता हु इस अनोखी ज़िन्दगी को कैद कर लू
पर कभी मुट्ठी में न आती हवा सी ज़िन्दगी |
मौत भी इसका ही पहलु जो छुपी रहती कही
लुक्का छुप्पी खेलते जिससे हर एक पल है सभी
पर किसी को ये न दिखती ,न कभी किसी ने सुनी
एक दिन इससे अचानक ही है मिलती ज़िन्दगी
उस समय न काम आता कोई रिश्ता न ही धन
मौत की आगोश में ऐसी तड़पती ज़िन्दगी |
मैं यही कहता हु यारो ज़िन्दगी रोमांच है
लुत्फ़ लो हर एक पल का अद्भुत मिला ये चांस है
प्यार से भर लो इसे नफरत के काबिल है नहीं
शिद्दतो से है मिली शायद मिले ये फिर नहीं |
|शशांक कुमार पाण्डेय |
उड़ता बादल बहता पानी है हमारी ज़िन्दगी
चाहतो का है भरा सैलाब हर एक पल यहाँ
जी लो जी भर के सुहानी है बड़ी ये ज़िन्दगी |
गुनगुनाते पक्षियों सा लहलहाते खेत सा
सरसराती पवन जैसा चिलचिलाती धूप सा
है कभी नदिया का पानी ,या कभी दरिया का जल
और कभी मरू का है बालू ,या कभी वृक्षों का फल
है असीमित राह इसमें है असीमित ख्वाहिशे
ख्वाहिशो को पूरा करके करलो ये जीवन सुखी
फिर लगेगी मोतियों क सेज जैसी ज़िन्दगी
जी लो जी भर के सुहानी है बड़ी ये ज़िन्दगी |
है कभी बारिश का पानी ,या कभी सुखी धरा
और कभी कड़वा करेला ,फिर कभी मीठा घड़ा
क्यूँ कभी हमको रुलाती ,क्यूँ कभी मायूस करती
फिर अचानक ख्वाहिशो को पूरा कर पल में हसाती
खिलखिलाती मुस्कुराती चाह्चाती ये रहे
हर एक पल इसके अनोखे ,हर एक पल इसके नए |
चाहता हु इस अनोखी ज़िन्दगी को कैद कर लू
पर कभी मुट्ठी में न आती हवा सी ज़िन्दगी |
मौत भी इसका ही पहलु जो छुपी रहती कही
लुक्का छुप्पी खेलते जिससे हर एक पल है सभी
पर किसी को ये न दिखती ,न कभी किसी ने सुनी
एक दिन इससे अचानक ही है मिलती ज़िन्दगी
उस समय न काम आता कोई रिश्ता न ही धन
मौत की आगोश में ऐसी तड़पती ज़िन्दगी |
मैं यही कहता हु यारो ज़िन्दगी रोमांच है
लुत्फ़ लो हर एक पल का अद्भुत मिला ये चांस है
प्यार से भर लो इसे नफरत के काबिल है नहीं
शिद्दतो से है मिली शायद मिले ये फिर नहीं |
|शशांक कुमार पाण्डेय |
brilliant saale ... excellent .. bahut sahi likha hai tune .... :)...
जवाब देंहटाएंthanku sir jiiiii:)
जवाब देंहटाएंnice one bro.. has kind of a nostalgia attached to it.. :) made me think all the way back to the beginning... and made me wonder
जवाब देंहटाएंkahan kho gaye woh pal, woh log;
ab tak jo the yahin kahin.
par shaayad inhi milne bichadne ki yaadon se
banti hai zindagi :)
wah ari kya ikha hai ........
जवाब देंहटाएंkya talent hai bhai jaan aap ka.....kahan chupa ke rakha tha...waah waah waahhh!!!!!!!
जवाब देंहटाएंGud shashank keep it up.............
जवाब देंहटाएंI m luking forward 4 new 1's......
thanku dear.......:)
जवाब देंहटाएंek number bhai !!
जवाब देंहटाएंthank u all............:)
जवाब देंहटाएंKya baat hai sir....baat me गहराई hai sir....
जवाब देंहटाएंsupar h .............
जवाब देंहटाएंkha copy paste kiya.............
very nice yaar!
जवाब देंहटाएंgreat talent!
keep it up!!!
:) :) :)
i'll try....:)
जवाब देंहटाएंwell said...
जवाब देंहटाएंvery nyc sir...finally i got one senior who writes good in hindi :)
जवाब देंहटाएंthankx dear...:)
जवाब देंहटाएंgud 1 :)
जवाब देंहटाएंimba re
जवाब देंहटाएंthank u all..:)
जवाब देंहटाएंGr8 job shashank....fantastic... :)
जवाब देंहटाएंthanks yaar....:)
जवाब देंहटाएंits very touching sir.. very good :)
जवाब देंहटाएंthank u.....
जवाब देंहटाएंI hav already told to u but still i m want to write it here too... i loved you last paragraph.
जवाब देंहटाएंReally a nice one....expecting more...