है चुनाव एक बार हमे फिर अपना फ़र्ज़ निभाना है
भारत का वासी होने का एक कर्त्तव्य निभाना है
कि न पहुचे कोई चोर उचक्का संसद के गलियारों में में
सोच समझकर प्रत्याशी को वोट डालने जाना है ॥
भारत का वासी होने का एक कर्त्तव्य निभाना है
कि न पहुचे कोई चोर उचक्का संसद के गलियारों में में
सोच समझकर प्रत्याशी को वोट डालने जाना है ॥
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