माना तेरी नज़रों में गुनाहगार हूँ मैं
शायद तेरे ख्यालों में आज भी सवार हूँ मैं
चाहा बहुत की खत्म कर दूँ ये सिलसिला मोहब्बत का तुझसे
पर कम्बखत आज भी तेरी चाहत में गिरफ्तार हूँ मैं||
गिरफ्तार हूँ तेरी बातों में या तेरी आँखों में न जानूं मैं
इक तेरे सिवा किसी भी चेहरे को न पहचानूँ मैं
कितनी मोहब्बत है तुझसे कैसे करूँ बयां
की तेरे साथ इक पल जीने को ख़ुशी से मर जाऊं मैं ||
तू इस कदर मेरे ख्यालों में हर रोज़ आती है
न जाने इस दिल को कितना तडपाती है
की बयां नहीं कर सकता उस दर्द की दास्तान को
जब नासूर बन के तेरी याद इस दिल को आती है ||
कहता हूँ नासूर जिसे शायद मेरा ख्याल है
मेरे होठों पर आज भी वही सवाल है
की क्या खता हुई हमसे जो ये सजा मिली
कि तेरे तस्सव्वुर में खो कर आज भी ये दिल बेहाल है ||
Its pretty :)
जवाब देंहटाएंya she must be pretty :P
हटाएंyep she is pretty....;)
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